बसंत पंचमी उत्सव
*सरस्वती पूजन के साथ मना बसंत पंचमी उत्सव*
नगर के विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर में हर्षोल्लास के साथ सरस्वती पूजन बसंत पंचमी का उत्सव मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रख्यात शिक्षाविद डॉ लक्ष्मीनारायण जी शर्मा विशेष अतिथि के रुप में जनपद सदस्य श्री निर्मल जी गुप्ता उर्फ लाला भैया ने मां सरस्वती का पूजन अर्चन कर एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य लक्ष्मीनारायण जी पवार ने अतिथियों का परिचय करवाया उपस्थित अतिथि महानुभाव ने अपने उद्बोधन में बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए एवं बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशभर में बसंत पचमी का त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। बसंत पचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। भारत में ज्ञान पचंमी का त्योहारी काफी साल से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए बसंत पचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। पूरे साल को 6 ऋतूओं में बांटा गया है, इनमें वसंत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शरद ऋतु, हेमंत ऋतु और शिशिर ऋतु शामिल है। इनमें वसंत को सभी ऋतुओं का राजा भी माना जाता है, इसी कारण इसे बसंत पंचमी कहा जाता है।
भारत में हर त्योहार पर देवी-देवताओं की पूजा आयोजन किया जाता है। उसी प्रकार बसंत पचमी के दिन सरस्वती माता की पूजी की जाती है। इस दिन विद्यार्थी, लेखक और कलाकार देवी सरस्वती की उपासना करते हैं। विद्यार्थी अपनी किताबें, लेखक अपनी कलम और कलाकार अपने म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और बाकी चीजें मां सरस्वती के सामने रखकर पूजा करते हैं। यह त्योहार पूरे देश में श्रद्धा और उल्लाह के साथ मनाया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में माता सरस्वती की आरती के साथ उपस्थित अतिथियों ने मां सरस्वती के श्री चरणों में समर्पण भेंट की एवं जनपद सदस्य श्री निर्मल जी गुप्ता ने समर्पण राशि के रूप में विद्यालय को ₹11100 राशि प्रदान की एवं समस्त भैया बहनों ने मां सरस्वती की पूजन कर समर्पण दीया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के आचार्य श्री लखन जी नागर ने किया इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य उमराव सिंह जी कुशवाह मनोज जी शर्मा राधेश्याम जी दांगी सहित समस्त आचार्य दीदी उपस्थित थे।
नगर के विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर में हर्षोल्लास के साथ सरस्वती पूजन बसंत पंचमी का उत्सव मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रख्यात शिक्षाविद डॉ लक्ष्मीनारायण जी शर्मा विशेष अतिथि के रुप में जनपद सदस्य श्री निर्मल जी गुप्ता उर्फ लाला भैया ने मां सरस्वती का पूजन अर्चन कर एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य लक्ष्मीनारायण जी पवार ने अतिथियों का परिचय करवाया उपस्थित अतिथि महानुभाव ने अपने उद्बोधन में बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए एवं बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशभर में बसंत पचमी का त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। बसंत पचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। भारत में ज्ञान पचंमी का त्योहारी काफी साल से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए बसंत पचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। पूरे साल को 6 ऋतूओं में बांटा गया है, इनमें वसंत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शरद ऋतु, हेमंत ऋतु और शिशिर ऋतु शामिल है। इनमें वसंत को सभी ऋतुओं का राजा भी माना जाता है, इसी कारण इसे बसंत पंचमी कहा जाता है।
भारत में हर त्योहार पर देवी-देवताओं की पूजा आयोजन किया जाता है। उसी प्रकार बसंत पचमी के दिन सरस्वती माता की पूजी की जाती है। इस दिन विद्यार्थी, लेखक और कलाकार देवी सरस्वती की उपासना करते हैं। विद्यार्थी अपनी किताबें, लेखक अपनी कलम और कलाकार अपने म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और बाकी चीजें मां सरस्वती के सामने रखकर पूजा करते हैं। यह त्योहार पूरे देश में श्रद्धा और उल्लाह के साथ मनाया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में माता सरस्वती की आरती के साथ उपस्थित अतिथियों ने मां सरस्वती के श्री चरणों में समर्पण भेंट की एवं जनपद सदस्य श्री निर्मल जी गुप्ता ने समर्पण राशि के रूप में विद्यालय को ₹11100 राशि प्रदान की एवं समस्त भैया बहनों ने मां सरस्वती की पूजन कर समर्पण दीया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के आचार्य श्री लखन जी नागर ने किया इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य उमराव सिंह जी कुशवाह मनोज जी शर्मा राधेश्याम जी दांगी सहित समस्त आचार्य दीदी उपस्थित थे।




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