#विशाल
मातृ सम्मेलन का भव्य
आयोजन
*मां ही सिखाती है बच्चों को जीवन जीने की कला संत श्री वर्षा जी नागर*
सरस्वती शिशु मंदिर
छापीहेड़ा में आयोजित विशाल मातृ सम्मेलन में उपस्थित मुख्य वक्ता संत श्री वर्षा जी नागर कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती हेमलता सेठिया अभिभावक प्रतिनिधि विशेष अतिथि श्रीमती चंद्रकला जी चौहान भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मुख्य अतिथि मनीषा भार्गव
शाखाप्रमुख बैंक ऑफ इंडिया ने मां सरस्वती की वंदना के पश्चात मुख्य वक्ता संत
श्री वर्षा जी नागर ने अपने
पावन प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित सभी माताओं अभिभावको तथा बच्चों का
मार्गदर्शन करते हुए कहा कि
शिशु मंदिर केवल रेत और सीमेंट भर से बना भवन नहीं यहां बच्चों को शिक्षा के साथ साथ संस्कार प्रदान किए जाते हैं जीवन
जीने की कला माही बच्चों
को सिखाती है ध्रुव को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग अपनी मां से प्राप्त हुआ है धन और यश सम्मान मां की कृपा से प्राप्त होते
हैं शिवाजी को भी ज्ञान
अपनी मां से प्राप्त हुआ था भारतीय संस्कृति को विश्व के समस्त लोग सम्मान प्रदान करते हैं यह संस्कृति अति प्राचीनतम है
अभिभावक प्रतिनिधि हेमलता
जी सेठिया अपने उद्बोधन में कहा कि मां बालक की सर्वप्रथम गुरु होती है बालक को सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने में मां की
भूमिका होती है मनीषा जी भार्गव
ने कहा कि बच्चों को संस्कृति प्रदान करने वाले स्कूल में पढ़ाई कराएं जिससे वे श्रेष्ठ नागरिक बन जनहित में अपना
योगदान दे सके श्रीमती चंद्रकला
जी चौहान ने कहा कि बच्चों को प्रेम व सहानुभूति से समझाइए मां अपने बच्चे को अच्छे संस्कार प्रदान करें तथा राष्ट्र
हित के लिए प्रेरित करे।
अंत में आभार प्रदर्शन समिति के सदस्य देवीलाल जी टेलर ने किया*मां ही सिखाती है बच्चों को जीवन जीने की कला संत श्री वर्षा जी नागर*
इस अवसर नगर के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक एवं केशव बाल कल्याण समिति के समस्त पदाधिकारी गण एवं समस्त आचार्य परिवार उपस्थित थे
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