सरस्वती शिशु मंदिर छापीहेड़ा में नैतिक मूल्यों की स्थापना हेतु कार्यशाला का आयोजन
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं संस्कृति षिक्षण संस्थान कुरुक्षेत्र, हरियाणा द्वारा आयोजित एक दिवसीय ‘‘नैतिक मूल्यों की स्थापना‘‘ कार्यषाला का आयोजन स.षि.मं. छापीहेड़ा में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में आदरणीय तहसीलदार महोदय श्री जगदीष जी प्रजापति, विषेष अतिथि श्री श्यामलाल जी नागर कार्यषाला के जिला संयोजक अरविन्द जी दुबे, विद्यालय संचालन समिति के पदाधिकारीगण बाबूलाल जी पाटीदार, रामगोपाल जी दाँगी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।इस कार्यषाला के उद्घाटन में अरविन्द जी दुबे ने बताया की भारतीय नैतिक मूल्यों को समाज तक पहूँचाने के लिये उस कार्यषाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी प्रायोजक संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार है।
मुख्य वक्ता के रुप में श्री श्यामलाल जी ने बच्चों का मार्गदर्षन करते हुए बताया कि यह सम्पूर्ण भारतवर्ष एक कार्यषाला है। उन्होंने आध्यात्म विषय को बड़े ही सरल रोचक शब्दों में बच्चों को बताया कि आध्यात्म में आत्मा का चिंतन किया जाता है। आत्मा के विषय को आध्यात्म कहते है। वेद, शास्त्रों को हमें जीवन में उतारना होगा।
इसी क्रम में तहसीलदार महोदय ने बच्चों को बताया कि षिषु मंदिर संस्कृति का केन्द्र है। इस विद्यालय की देन श्रेष्ठ बालकों का निर्माण कर समाज कार्य के लिये प्रोत्साहित करना है।
दिन भर चलने वाली इस कार्यषाला में मूक लघु नाटिका के माध्यम से बच्चों ने मोबाईल के दुष्परिणाम बताये तथा बच्चों को तीन अलग-अलग समूह में विभाजित कर उनका विषय विषेषज्ञों द्वारा मार्गदर्षन किया गया। कार्यक्रम के डिजीटल सत्र में बच्चों को प्रेरणादायी विडियो क्लिपिंग दिखाई गई जिनसे उनको नैतिक कार्य करने की प्रेरणा मिले।
इस कार्यषाला में नैतिक कार्य करने हेतु विद्यालय के प्राचार्य शषिकांत जी कष्यप द्वारा बच्चों एवं उपस्थित सभी महानुभावों को पाॅलीथिन का प्रयोग न करने की शपथ दिलायी गई।
इस कार्यषाला में नगर के सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया था। जिनकी कुल संख्या 640 थी। कार्यषाला के समापन सत्र में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य/दीदी परिवार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Comments
Post a Comment